Friday, March 27, 2009

कहीं आप मशीन तोह नही......

हर तरफ आगे बढ़ने का जूनून है, किसी को किसी की भावनाओं की कदर ही कहाँ है......!

लोग लगते हैं एक दूसरे पैर इल्जाम ...... पर कभी किसीने यह सोचा है कौन है इन सब के पीछे

शायद आगे बढ़ने का जूनून कोई किसी को खुश नही देख सकता, हर कोई बन रहा है हैवान

मशीन की तरहां काम करतें हैं लोग शायद इसी आस में की हमारा भी हो जायेगा नाम.....

दूर हो जाएँगी सारी मुसीबतें

पर क्यो लोग भूल जातें है की इच्छाएँ कभी नही मरती ........

इच्छाएँ और बड़ा बन्ने की ,

इच्छाएँ सुखी रहेने की,

इच्छाएँ ऐशो आराम की ,

पर इन इच्छा को पाने के लिए गला घोंट दिया जाता है

अपनी इंसानियत का और अपने अरमानो का जो.....

इंसान को एक अच्छा इंसान बनाती हैं पर

इस दौरती भागती ज़िन्दगी में एक अच्छे इंसान की ज़रूरत ही कहाँ है......
ज़रूरत है एक मशीन की

जिसकी कोई भावनाए ना हों

कोई सपना ना हों, उसका कोई अपना ना हों !!!

क्या आप में यह सब खूबियाँ हैं क्योकि दुनिया को एक मशीन की ज़रूरत है


----रुचिका----

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